🏠 2026 में अपडेट किया गया

मॉर्गेज लोन कैलकुलेटर

अपनी मासिक किस्त (EMI), कुल ब्याज और पूरा अमॉर्टाइजेशन शेड्यूल — सब कुछ एक क्लिक में जानें। बिल्कुल मुफ्त, बिना किसी झंझट के।

📐 बैंकिंग फॉर्मूले पर आधारित 🔄 RBI 2026 दरें 🇮🇳 भारत के लिए बना ⚡ तुरंत परिणाम
🧮 अपनी जानकारी भरें
लोन राशि (₹) ₹ 50,00,000
₹1 लाख₹2 करोड़
वार्षिक ब्याज दर (%) 8.50%
5%20%
लोन अवधि (वर्ष) 20 वर्ष
1 वर्ष30 वर्ष
📊 आपकी EMI का पूरा विवरण
मासिक EMI (हर महीने)
मूलधन
कुल ब्याज
कुल भुगतान
ब्याज अनुपात
मूलधन
मूलधन
कुल ब्याज
पूरी जानकारी

मॉर्गेज लोन क्या होता है? सरल भाषा में समझें

अगर आप पहली बार "मॉर्गेज लोन" शब्द सुन रहे हैं, तो घबराइए मत — यह उतना जटिल नहीं जितना लगता है। मॉर्गेज लोन मतलब वो कर्ज जिसमें आप अपनी संपत्ति (मकान, दुकान, जमीन) को बैंक के पास गिरवी रखकर पैसे लेते हैं। बैंक आपको एकमुश्त रकम देता है और आप उसे हर महीने किस्तों (EMI) में चुकाते हैं।

भारत में मॉर्गेज लोन दो तरह से काम करता है — पहला, जब आप नई संपत्ति खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं (संपत्ति खुद ही गिरवी होती है), और दूसरा, जब आपके पास पहले से मकान या दुकान है और आप उसे गिरवी रखकर पैसे उधार लेते हैं — इसे Loan Against Property (LAP) कहते हैं।

2026 में जब देशभर के शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो मॉर्गेज लोन लेने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी असली EMI क्या होगी, कुल कितना ब्याज देना पड़ेगा और कितने साल में लोन खत्म होगा। इसीलिए यह मुफ्त मॉर्गेज कैलकुलेटर आपके लिए बना है।

🏠 होम परचेज लोन

नया घर खरीदने के लिए सबसे आम लोन। बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का 75–90% तक देता है। ब्याज दर: 8.35–9.5% प्रति वर्ष (2026)।

🏗️ होम कंस्ट्रक्शन लोन

अगर आपके पास प्लॉट है और घर बनवाना है, तो यह लोन निर्माण के चरणों के अनुसार मिलता है।

💰 संपत्ति पर कर्ज (LAP)

पहले से मौजूद संपत्ति गिरवी रखकर व्यापार, पढ़ाई या किसी जरूरत के लिए पैसे लेना। ब्याज: 9–11% प्रति वर्ष।

🔄 बैलेंस ट्रांसफर

पुराने बैंक से लोन को कम ब्याज दर वाले नए बैंक में ट्रांसफर करें — लाखों की बचत हो सकती है।

फॉर्मूला और तरीका

मासिक EMI की गणना कैसे होती है?

हमारा कैलकुलेटर वही रिड्यूसिंग बैलेंस फॉर्मूला इस्तेमाल करता है जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सभी बैंकों के लिए अनिवार्य किया है। यानी जो नतीजा आपको यहाँ मिलेगा, वही आपके असली बैंक स्टेटमेंट में भी दिखेगा।

        P × r × (1+r)^n EMI = ─────────────────────               (1+r)^n - 1 जहाँ: P = मूलधन (लोन राशि) | r = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100) | n = कुल किस्तें (वर्ष × 12)

उदाहरण से समझें: अगर आप ₹50 लाख का मॉर्गेज लोन, 8.5% ब्याज पर, 20 साल के लिए लेते हैं:

  • मूलधन (P) = ₹50,00,000
  • मासिक ब्याज दर (r) = 8.5 ÷ 12 ÷ 100 = 0.007083
  • कुल किस्तें (n) = 20 × 12 = 240
  • मासिक EMI ≈ ₹43,391
  • कुल भुगतान = ₹1,04,13,816 | कुल ब्याज = ₹54,13,816

ध्यान दीजिए — 20 साल में आप मूलधन से भी ज्यादा ब्याज चुका देते हैं! यही कारण है कि लोन लेने से पहले कैलकुलेटर से पूरा हिसाब लगाना बहुत जरूरी है।

चरण-दर-चरण

इस कैलकुलेटर को कैसे इस्तेमाल करें?

इसे चलाना बेहद आसान है — बस 30 सेकंड में आपको पूरा हिसाब मिल जाएगा।

  • 1
    लोन राशि डालें आप कितनी रकम उधार लेना चाहते हैं वो टाइप करें या स्लाइडर से चुनें। उदाहरण: अगर प्रॉपर्टी ₹80 लाख की है और आप 20% डाउन पेमेंट देंगे, तो लोन राशि ₹64 लाख होगी।
  • 2
    वार्षिक ब्याज दर भरें अपने बैंक से मिलने वाली ब्याज दर डालें। 2026 में बड़े भारतीय बैंक 8.35% से 10.5% के बीच दे रहे हैं। सटीक दर के लिए अपने बैंक से पूछें।
  • 3
    अवधि (वर्षों में) चुनें कितने साल में लोन चुकाना चाहते हैं। लंबी अवधि = कम EMI लेकिन ज्यादा ब्याज। छोटी अवधि = ज्यादा EMI लेकिन कुल खर्च कम।
  • 4
    "EMI की गणना करें" बटन दबाएं तुरंत देखें — मासिक EMI, कुल ब्याज, कुल भुगतान और मूलधन बनाम ब्याज का पाई चार्ट।
  • 5
    साल-दर-साल विवरण चेक करें "साल-दर-साल किस्त विवरण देखें" पर क्लिक करें और जानें कि हर साल कितना मूलधन व कितना ब्याज जा रहा है और बकाया कितना बचा है।
2026 की दरें

भारत में मॉर्गेज लोन की मौजूदा ब्याज दरें (2026)

भारत में मॉर्गेज ब्याज दर मुख्यतः RBI की रेपो दर, आपके CIBIL स्कोर, LTV अनुपात और बैंक की नीति पर निर्भर करती है। नीचे दी गई तुलना सिर्फ सांकेतिक है। लोन लेने से पहले अपने बैंक से ताजा दरें जरूर लें।

बैंक / संस्थाअनुमानित ब्याज दरअधिकतम अवधिरेटिंग
SBI / बड़े सरकारी बैंक8.35% – 9.15%30 वर्षसबसे कम दर
HDFC / ICICI / Axis Bank8.50% – 9.65%30 वर्षप्रतिस्पर्धी
LIC HFL / PNB HFL8.40% – 9.80%25 वर्षमध्यम
स्मॉल फाइनेंस बैंक9.50% – 11.00%20 वर्षमध्यम
NBFC / प्राइवेट HFC10.00% – 13.00%15 वर्षज्यादा दर

⚠️ ऊपर दी गई दरें अनुमानित हैं और 2026 की शुरुआत तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं। असल दरें आपकी प्रोफाइल और बैंक की मौजूदा नीति के अनुसार अलग हो सकती हैं।

समझदारी के टिप्स

ब्याज का बोझ कम करने के 6 आसान तरीके

20–30 साल के मॉर्गेज लोन में आप जो ब्याज चुकाते हैं, वो अक्सर मूलधन से भी ज्यादा हो जाता है। ये 6 तरीके अपनाएं और लाखों की बचत करें:

💳 CIBIL स्कोर ≥ 750 रखें

अच्छा CIBIL स्कोर आपको 0.1% से 0.5% कम ब्याज दिलाता है — पूरे टेन्योर में यह ₹1–5 लाख की बचत बन सकती है।

📆 जितनी हो सके कम अवधि चुनें

8.5% पर 15 साल का लोन, 25 साल के लोन की तुलना में लगभग 40% कम ब्याज में पूरा हो जाता है।

🏦 समय-समय पर प्री-पेमेंट करें

RBI के नियम के अनुसार फ्लोटिंग रेट लोन पर प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगता। साल में एक एक्स्ट्रा EMI देने से 2–3 साल पहले लोन खत्म हो सकता है।

🔄 बैलेंस ट्रांसफर करें

2–3 साल बाद अगर किसी बैंक में कम दर मिल रही है, तो लोन ट्रांसफर कर दें। 0.5% की भी कमी लाखों बचाती है।

📈 फ्लोटिंग रेट चुनें

जब RBI दरें घटाए, तो फ्लोटिंग रेट लोन पर आपकी EMI या अवधि अपने आप कम हो जाती है।

📊 ज्यादा डाउन पेमेंट दें

20% की जगह 30% डाउन पेमेंट देने से लोन राशि और कुल ब्याज दोनों काफी कम हो जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आपके मन में जो सवाल हैं — जवाब यहाँ हैं

क्या यह कैलकुलेटर बैंक जैसा ही नतीजा देता है? +
हाँ। हमारा कैलकुलेटर वही RBI-अनुमोदित रिड्यूसिंग बैलेंस फॉर्मूला इस्तेमाल करता है जो सभी भारतीय बैंक अपनाते हैं। EMI की गणना बिल्कुल सटीक है। हालाँकि प्रोसेसिंग फीस, GST और बीमा इसमें शामिल नहीं हैं — वो अलग से बैंक वसूलता है।
मॉर्गेज लोन और होम लोन में असली फर्क क्या है? +
होम लोन तब लेते हैं जब आप नया घर खरीदते हैं — खरीदी जा रही संपत्ति ही गिरवी होती है। LAP (Loan Against Property) तब लेते हैं जब आपके पास पहले से मकान, दुकान या जमीन है — उसे गिरवी रखकर किसी भी काम के लिए पैसे लेते हैं। दोनों में EMI फॉर्मूला एक ही है।
भारत में मॉर्गेज लोन की अधिकतम अवधि कितनी है? +
ज्यादातर भारतीय बैंक अधिकतम 30 साल की अवधि देते हैं। लेकिन एक शर्त होती है — लोन जब तक चले, तब तक आपकी उम्र 60–70 साल (बैंक के नियम अनुसार) से कम होनी चाहिए। यानी 35 साल के व्यक्ति को अधिकतम 25–30 साल का लोन मिल सकता है।
EMI चूकने पर क्या होता है? +
एक-दो EMI चूकने पर बैंक लेट पेमेंट पेनाल्टी लगाता है और CIBIL स्कोर गिरता है। लगातार 90 दिन तक EMI न देने पर खाता NPA (Non-Performing Asset) हो जाता है। इसके बाद बैंक SARFAESI Act के तहत आपकी गिरवी संपत्ति नीलाम कर सकता है।
क्या मॉर्गेज लोन के ब्याज पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है? +
हाँ, पुरानी टैक्स व्यवस्था में: धारा 24(b) के तहत स्वयं के मकान पर ₹2 लाख/वर्ष तक की ब्याज छूट और धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक मूलधन पर छूट मिलती है। किराये पर दी संपत्ति पर पूरे ब्याज की छूट मिलती है। नई टैक्स व्यवस्था में ये छूट आमतौर पर उपलब्ध नहीं हैं।
मुझे कितना लोन मिल सकता है — इसका हिसाब कैसे लगाएं? +
बैंक आमतौर पर FOIR (Fixed Obligation to Income Ratio) देखते हैं — यानी आपकी कुल मासिक किस्तें आपकी नेट इनकम के 40–50% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा प्रॉपर्टी की बाजार कीमत का 75–90% तक ही लोन मिलता है। ऊपर कैलकुलेटर में अलग-अलग राशि डालकर देखें कि कौन सी EMI आपके बजट में फिट बैठती है।
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अस्वीकरण: इस पृष्ठ पर दिया गया मॉर्गेज लोन कैलकुलेटर केवल शैक्षणिक और योजना संबंधी उद्देश्यों के लिए है। परिणाम मानक EMI फॉर्मूले पर आधारित हैं और इसमें प्रोसेसिंग फीस, GST, परिवर्तनीय ब्याज दरें, बीमा प्रीमियम या अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं। LoanCalculate.in कोई बैंक, NBFC या पंजीकृत वित्तीय सलाहकार नहीं है। कोई भी उधार संबंधी निर्णय लेने से पहले अपने बैंक या प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें। ऊपर दी गई ब्याज दरें सांकेतिक हैं और RBI नीति तथा बैंक के विवेक के अनुसार बदल सकती हैं।
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