मॉर्गेज लोन कैलकुलेटर
अपनी मासिक किस्त (EMI), कुल ब्याज और पूरा अमॉर्टाइजेशन शेड्यूल — सब कुछ एक क्लिक में जानें। बिल्कुल मुफ्त, बिना किसी झंझट के।
| वर्ष | शुरुआती बकाया | मूलधन चुकाया | ब्याज चुकाया | कुल भुगतान | बचा हुआ बकाया |
|---|
मॉर्गेज लोन क्या होता है? सरल भाषा में समझें
अगर आप पहली बार "मॉर्गेज लोन" शब्द सुन रहे हैं, तो घबराइए मत — यह उतना जटिल नहीं जितना लगता है। मॉर्गेज लोन मतलब वो कर्ज जिसमें आप अपनी संपत्ति (मकान, दुकान, जमीन) को बैंक के पास गिरवी रखकर पैसे लेते हैं। बैंक आपको एकमुश्त रकम देता है और आप उसे हर महीने किस्तों (EMI) में चुकाते हैं।
भारत में मॉर्गेज लोन दो तरह से काम करता है — पहला, जब आप नई संपत्ति खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं (संपत्ति खुद ही गिरवी होती है), और दूसरा, जब आपके पास पहले से मकान या दुकान है और आप उसे गिरवी रखकर पैसे उधार लेते हैं — इसे Loan Against Property (LAP) कहते हैं।
2026 में जब देशभर के शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो मॉर्गेज लोन लेने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी असली EMI क्या होगी, कुल कितना ब्याज देना पड़ेगा और कितने साल में लोन खत्म होगा। इसीलिए यह मुफ्त मॉर्गेज कैलकुलेटर आपके लिए बना है।
🏠 होम परचेज लोन
नया घर खरीदने के लिए सबसे आम लोन। बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का 75–90% तक देता है। ब्याज दर: 8.35–9.5% प्रति वर्ष (2026)।
🏗️ होम कंस्ट्रक्शन लोन
अगर आपके पास प्लॉट है और घर बनवाना है, तो यह लोन निर्माण के चरणों के अनुसार मिलता है।
💰 संपत्ति पर कर्ज (LAP)
पहले से मौजूद संपत्ति गिरवी रखकर व्यापार, पढ़ाई या किसी जरूरत के लिए पैसे लेना। ब्याज: 9–11% प्रति वर्ष।
🔄 बैलेंस ट्रांसफर
पुराने बैंक से लोन को कम ब्याज दर वाले नए बैंक में ट्रांसफर करें — लाखों की बचत हो सकती है।
मासिक EMI की गणना कैसे होती है?
हमारा कैलकुलेटर वही रिड्यूसिंग बैलेंस फॉर्मूला इस्तेमाल करता है जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सभी बैंकों के लिए अनिवार्य किया है। यानी जो नतीजा आपको यहाँ मिलेगा, वही आपके असली बैंक स्टेटमेंट में भी दिखेगा।
P × r × (1+r)^n
EMI = ─────────────────────
(1+r)^n - 1
जहाँ: P = मूलधन (लोन राशि) | r = मासिक ब्याज दर (वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100) | n = कुल किस्तें (वर्ष × 12)उदाहरण से समझें: अगर आप ₹50 लाख का मॉर्गेज लोन, 8.5% ब्याज पर, 20 साल के लिए लेते हैं:
- मूलधन (P) = ₹50,00,000
- मासिक ब्याज दर (r) = 8.5 ÷ 12 ÷ 100 = 0.007083
- कुल किस्तें (n) = 20 × 12 = 240
- मासिक EMI ≈ ₹43,391
- कुल भुगतान = ₹1,04,13,816 | कुल ब्याज = ₹54,13,816
ध्यान दीजिए — 20 साल में आप मूलधन से भी ज्यादा ब्याज चुका देते हैं! यही कारण है कि लोन लेने से पहले कैलकुलेटर से पूरा हिसाब लगाना बहुत जरूरी है।
इस कैलकुलेटर को कैसे इस्तेमाल करें?
इसे चलाना बेहद आसान है — बस 30 सेकंड में आपको पूरा हिसाब मिल जाएगा।
- 1लोन राशि डालें आप कितनी रकम उधार लेना चाहते हैं वो टाइप करें या स्लाइडर से चुनें। उदाहरण: अगर प्रॉपर्टी ₹80 लाख की है और आप 20% डाउन पेमेंट देंगे, तो लोन राशि ₹64 लाख होगी।
- 2वार्षिक ब्याज दर भरें अपने बैंक से मिलने वाली ब्याज दर डालें। 2026 में बड़े भारतीय बैंक 8.35% से 10.5% के बीच दे रहे हैं। सटीक दर के लिए अपने बैंक से पूछें।
- 3अवधि (वर्षों में) चुनें कितने साल में लोन चुकाना चाहते हैं। लंबी अवधि = कम EMI लेकिन ज्यादा ब्याज। छोटी अवधि = ज्यादा EMI लेकिन कुल खर्च कम।
- 4"EMI की गणना करें" बटन दबाएं तुरंत देखें — मासिक EMI, कुल ब्याज, कुल भुगतान और मूलधन बनाम ब्याज का पाई चार्ट।
- 5साल-दर-साल विवरण चेक करें "साल-दर-साल किस्त विवरण देखें" पर क्लिक करें और जानें कि हर साल कितना मूलधन व कितना ब्याज जा रहा है और बकाया कितना बचा है।
भारत में मॉर्गेज लोन की मौजूदा ब्याज दरें (2026)
भारत में मॉर्गेज ब्याज दर मुख्यतः RBI की रेपो दर, आपके CIBIL स्कोर, LTV अनुपात और बैंक की नीति पर निर्भर करती है। नीचे दी गई तुलना सिर्फ सांकेतिक है। लोन लेने से पहले अपने बैंक से ताजा दरें जरूर लें।
| बैंक / संस्था | अनुमानित ब्याज दर | अधिकतम अवधि | रेटिंग |
|---|---|---|---|
| SBI / बड़े सरकारी बैंक | 8.35% – 9.15% | 30 वर्ष | सबसे कम दर |
| HDFC / ICICI / Axis Bank | 8.50% – 9.65% | 30 वर्ष | प्रतिस्पर्धी |
| LIC HFL / PNB HFL | 8.40% – 9.80% | 25 वर्ष | मध्यम |
| स्मॉल फाइनेंस बैंक | 9.50% – 11.00% | 20 वर्ष | मध्यम |
| NBFC / प्राइवेट HFC | 10.00% – 13.00% | 15 वर्ष | ज्यादा दर |
⚠️ ऊपर दी गई दरें अनुमानित हैं और 2026 की शुरुआत तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित हैं। असल दरें आपकी प्रोफाइल और बैंक की मौजूदा नीति के अनुसार अलग हो सकती हैं।
ब्याज का बोझ कम करने के 6 आसान तरीके
20–30 साल के मॉर्गेज लोन में आप जो ब्याज चुकाते हैं, वो अक्सर मूलधन से भी ज्यादा हो जाता है। ये 6 तरीके अपनाएं और लाखों की बचत करें:
💳 CIBIL स्कोर ≥ 750 रखें
अच्छा CIBIL स्कोर आपको 0.1% से 0.5% कम ब्याज दिलाता है — पूरे टेन्योर में यह ₹1–5 लाख की बचत बन सकती है।
📆 जितनी हो सके कम अवधि चुनें
8.5% पर 15 साल का लोन, 25 साल के लोन की तुलना में लगभग 40% कम ब्याज में पूरा हो जाता है।
🏦 समय-समय पर प्री-पेमेंट करें
RBI के नियम के अनुसार फ्लोटिंग रेट लोन पर प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगता। साल में एक एक्स्ट्रा EMI देने से 2–3 साल पहले लोन खत्म हो सकता है।
🔄 बैलेंस ट्रांसफर करें
2–3 साल बाद अगर किसी बैंक में कम दर मिल रही है, तो लोन ट्रांसफर कर दें। 0.5% की भी कमी लाखों बचाती है।
📈 फ्लोटिंग रेट चुनें
जब RBI दरें घटाए, तो फ्लोटिंग रेट लोन पर आपकी EMI या अवधि अपने आप कम हो जाती है।
📊 ज्यादा डाउन पेमेंट दें
20% की जगह 30% डाउन पेमेंट देने से लोन राशि और कुल ब्याज दोनों काफी कम हो जाते हैं।
आपके मन में जो सवाल हैं — जवाब यहाँ हैं
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