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पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर

मासिक किस्त, कुल ब्याज और पूरी भुगतान तालिका — एक क्लिक में जानें। भारत के सभी बैंकों के लिए।

✅ RBI फॉर्मूला📊 वार्षिक तालिका🏦 सभी बैंक⚡ तुरंत परिणाम🆓 बिल्कुल मुफ्त
लोन की जानकारी भरें
लोन राशि (₹)₹5,00,000
वार्षिक ब्याज दर (%)12.00%
लोन अवधि (महीने)36 महीने

💡 ज़रूरी सुझाव

  • 750+ CIBIL स्कोर पर सबसे कम ब्याज दर मिलती है।
  • ब्याज में 1% की कमी से ₹5L पर ₹10,000+ बचत होती है।
  • कम अवधि = ज़्यादा EMI, पर कुल ब्याज बहुत कम।
  • प्रोसेसिंग फीस (0.5%–3%) की तुलना हमेशा करें।
  • बीच में एकमुश्त जमा करने से बाकी ब्याज घट जाता है।
आपकी EMI की पूरी जानकारी
मासिक किस्त (EMI)
₹16,607
मूलधन
₹5,00,000
कुल ब्याज
₹97,836
कुल देय राशि
₹5,97,836
83.7%मूलधन
मूलधन83.7%
ब्याज16.3%
ब्याज/मूलधन 19.6%

पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर क्या होता है?

पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर एक मुफ्त डिजिटल टूल है जो आपको बताता है कि हर महीने बैंक या NBFC को कितनी किस्त (EMI) देनी होगी। इसके लिए बस तीन चीज़ें चाहिए — लोन राशि, ब्याज दर, और कितने महीनों में चुकाना है। कैलकुलेटर एक सेकंड में पूरी जानकारी देता है।

यह कैलकुलेटर घटते शेष (Reducing Balance) पद्धति पर काम करता है — जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा मान्यता प्राप्त है और देश के हर बैंक में लागू होता है। इससे आप यह भी जान सकते हैं कि हर साल कितना मूलधन और कितना ब्याज चुका रहे हैं।

लोन लेने से पहले इस कैलकुलेटर का उपयोग करें — ताकि सही बैंक चुन सकें, बेहतर शर्तें तय कर सकें और मासिक बजट के अनुसार योजना बना सकें।

इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें?

1
लोन राशि दर्ज करें

वह राशि टाइप करें जितना लोन लेना है। ₹10,000 से ₹1 करोड़ तक चुन सकते हैं।

2
ब्याज दर भरें

बैंक की वार्षिक ब्याज दर डालें। भारत में आमतौर पर 9.99% से 24% प्रति वर्ष होती है।

3
लोन अवधि चुनें

कितने महीनों में चुकाना है — 3 से 84 महीने (7 साल) तक का विकल्प उपलब्ध है।

4
"EMI अभी निकालें" दबाएं

तुरंत मासिक किस्त, कुल ब्याज, कुल देय राशि और चार्ट दिखेगा।

5
वार्षिक तालिका देखें

"वार्षिक किस्त तालिका" पर क्लिक करें — हर साल का पूरा हिसाब एक जगह मिलेगा।

पर्सनल लोन EMI फॉर्मूला — हिंदी में

भारत के सभी बैंक — SBI, HDFC, ICICI, Axis, Bajaj Finserv — इसी फॉर्मूले से EMI निकालते हैं:

घटते शेष विधि — मानक EMI फॉर्मूला
EMI = [ P × R × (1 + R)^N ] ÷ [ (1 + R)^N − 1 ]
P = मूलधन (लोन राशि ₹ में)
R = मासिक ब्याज दर = वार्षिक दर ÷ 12 ÷ 100
N = कुल महीनों की संख्या

उदाहरण: ₹5,00,000 का पर्सनल लोन, 12% वार्षिक ब्याज, 36 महीने — EMI निकलती है ₹16,607 प्रति माह। 36 महीनों में कुल ₹5,97,852 चुकाएंगे जिसमें ₹97,852 केवल ब्याज है।

💡 ध्यान रखें: EMI हर महीने बराबर रहती है लेकिन शुरुआती महीनों में ब्याज का हिस्सा ज़्यादा होता है। जैसे-जैसे बकाया मूलधन घटता है, ब्याज भी कम होता जाता है। इसीलिए लोन की शुरुआत में अतिरिक्त भुगतान करने पर सबसे ज़्यादा फायदा होता है।

EMI को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक

लोन राशि का असर

जितना ज़्यादा उधार लेंगे, EMI और कुल ब्याज दोनों उतने ज़्यादा होंगे। केवल उतनी राशि लें जितनी वाकई ज़रूरत है। ज़रूरत से अधिक लोन लेने से ऋण-आय अनुपात (Debt-to-Income Ratio) बढ़ जाता है — जो भविष्य में होम लोन या कार लोन की मंज़ूरी में बाधा बन सकता है।

ब्याज दर का महत्व

ब्याज दर आपके लोन की कुल लागत का सबसे बड़ा निर्धारक है। एक प्रतिशत का भी फर्क हज़ारों रुपयों में बदल सकता है। आपकी ब्याज दर तय होती है CIBIL स्कोर, मासिक आय, नौकरी के प्रकार और बैंक से संबंध के आधार पर। जिस बैंक में सैलरी आती हो, वहाँ पहले अप्लाई करें।

लोन अवधि का चुनाव

लंबी अवधि में EMI कम होती है लेकिन कुल ब्याज बहुत ज़्यादा चुकाना पड़ता है। नीचे दोनों विकल्पों की तुलना देखें:

❌ लंबी अवधि

EMI कम, लेकिन कुल ब्याज बहुत ज़्यादा। ₹5L पर 5 साल में ब्याज: ~₹1.66 लाख

✅ छोटी अवधि

EMI ज़्यादा, लेकिन कुल ब्याज काफी कम। ₹5L पर 3 साल में ब्याज: ~₹98 हज़ार

प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क

अधिकांश बैंक लोन राशि का 0.5% से 3% प्रोसेसिंग फीस लेते हैं, जिस पर 18% GST भी लगती है। यह EMI में नहीं बल्कि एकमुश्त काटी जाती है। इसलिए लोन की तुलना करते समय सिर्फ ब्याज दर नहीं बल्कि APR (वार्षिक प्रतिशत दर) देखें।

भारत में पर्सनल लोन की ब्याज दरें

नीचे दी तालिका प्रमुख बैंकों की सामान्य ब्याज दर सीमा दर्शाती है। वास्तविक दर आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर निर्भर करेगी।

बैंक/संस्था प्रकारब्याज दर (वार्षिक)अधिकतम राशिअधिकतम अवधि
सरकारी बैंक (SBI, PNB, BoB)10.30%–14.00%₹20 लाख60 महीने
निजी बैंक (HDFC, ICICI, Axis)10.75%–21.00%₹40 लाख60 महीने
लघु वित्त बैंक14.00%–24.00%₹10 लाख36 महीने
NBFC (Bajaj, Tata Capital)11.00%–26.00%₹35 लाख60 महीने
डिजिटल/फिनटेक लेंडर12.00%–36.00%₹5 लाख36 महीने

पर्सनल लोन कब लेना सही है?

पर्सनल लोन असुरक्षित ऋण है — कोई गिरवी नहीं रखनी होती। यही कारण है ब्याज दर थोड़ी अधिक होती है। इन कामों के लिए यह समझदारी भरा विकल्प हो सकता है:

  • अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी और अस्पताल का खर्च
  • घर की मरम्मत या नवीनीकरण
  • शादी-विवाह का खर्च
  • कई महंगे कर्जों को एक सस्ते लोन में मर्ज करना (Debt Consolidation)
  • उच्च शिक्षा के लिए अतिरिक्त खर्च

इन कामों के लिए पर्सनल लोन न लें: शेयर बाज़ार या क्रिप्टो में सट्टेबाज़ी, रोज़मर्रा के खर्चों के लिए — 11%–24% की ब्याज दर पर यह आपकी आर्थिक सेहत बिगाड़ सकता है।

ब्याज बचाने के 6 स्मार्ट तरीके

💰 इन तरीकों से बचाएं हज़ारों रुपए

  • लोन लेने से पहले CIBIL स्कोर 750+ करें — सबसे सस्ती दर पाएं।
  • अपने मौजूदा बैंक में पहले अप्लाई करें — नए ग्राहक से बेहतर रेट मिलता है।
  • कम से कम 3–4 बैंकों की तुलना करें और APR देखें।
  • जितनी जल्दी हो अतिरिक्त भुगतान करें।
  • बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प देखें अगर बेहतर दर मिले।
  • प्रोसेसिंग फीस पर मोलभाव करें — अच्छे CIBIL स्कोर पर।

और अधिक जानें: लोन ब्याज बचाने के स्मार्ट तरीके — पूरी हिंदी गाइड

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

EMI का फॉर्मूला: EMI = [P × R × (1+R)^N] ÷ [(1+R)^N – 1] — P = मूलधन, R = मासिक ब्याज दर (वार्षिक ÷ 12 ÷ 100), N = कुल महीने। भारत के सभी RBI-नियंत्रित बैंक यही फॉर्मूला उपयोग करते हैं।
अधिकांश बैंक 700 या उससे अधिक CIBIL स्कोर पर लोन देते हैं। 750+ पर सबसे कम ब्याज और बेहतर शर्तें मिलती हैं।
छोटी अवधि में कुल ब्याज कम लगता है — लेकिन EMI ज़्यादा होती है। लंबी अवधि में EMI कम होती है पर कुल ब्याज ज़्यादा देना पड़ता है। अपनी आय के अनुसार बेस्ट संतुलन चुनें।
हाँ। 6–12 महीने की लॉक-इन अवधि के बाद प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर हो सकता है। कुछ बैंक 2%–5% फोरक्लोजर शुल्क लेते हैं। लोन लेने से पहले अनुबंध में यह शर्त ज़रूर पढ़ें।
हाँ, हमारा कैलकुलेटर RBI-अनुमोदित घटते शेष फॉर्मूले का उपयोग करता है। ₹1–₹5 का मामूली अंतर गोलाई (Rounding) के कारण हो सकता है। प्रोसेसिंग फीस और GST EMI में शामिल नहीं होती।
फ्लैट रेट में ब्याज पूरी मूल राशि पर हमेशा लगता है — यह बहुत महंगा होता है। घटते शेष दर में ब्याज केवल बकाया मूलधन पर लगता है जो हर महीने कम होता है। RBI नियमानुसार भारत के सभी बैंक घटते शेष पद्धति ही उपयोग करते हैं।

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अस्वीकरण: इस पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर के परिणाम केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं। वास्तविक EMI, ब्याज दर और शर्तें बैंक की नीति व आपके क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर भिन्न हो सकती हैं। LoanCalculate.in कोई बैंक, NBFC या पंजीकृत वित्तीय सलाहकार नहीं है। कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने बैंक या प्रमाणित सलाहकार से परामर्श लें। हमारा अस्वीकरण और नियम व शर्तें पढ़ें।
EMI: ₹16,607/माह
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